Anjaana sa dar

एक अजीब सी ख़याल आता है मुझ में
जैसे…
हर लम्हे को जी भर जिलेने का
पांच्छियाँ की तरह आज़ाद घूमने का
खुश्बुन की तरह हवा में तैरना का
तोता की तरह प्यार बाटने का
मधु मक्खी की तरह कुच्छ कर दिखाने का

फिर…
एक अंजना सा दर है मुझ में
जैसे
सब कुछ खोजाने का
ट्रेन छूट जाने का
पैर फिसल जाने का
शीशा टूट जाने का
आँखों में नींद नहीं आने का

पर…
एक चट्टान सा बिसवास है मुझ में
जैसे
गिर के भी खड़ा होने का
रोते हुए मुस्कुराने का
खोले आँखों में सपना देखने का
टूटा हुआ दिल से भी प्यार बाटने का
मा की झप्पी में सारे गम भूल जाने का…

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4 thoughts on “Anjaana sa dar

    1. Wow! You understood Hindi poem.!!! That’s surprising! I spent much time to get Hindi font. Thanks a lot for spending time to get the meaning of my poem and liking it. It’s always feels great to see you in my blog 🙂

  1. टूटा हुआ दिल से भी प्यार बाटने का
    मा की झप्पी में सारे गम भूल जाने का…

    these lines are Fab, bro 🙂 🙂

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